गाड़ी चलाते समय ऋषभ पंत का हुआ एक्सीडेंट, मर्सडीज जली, गाड़ी का शीशा तोड़कर निकाले बाहर, घायल

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भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत का शुक्रवार सुबह 5.30 बजे रुड़की के पास एक्सीडेंट हो गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पंत के सिर, पीठ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। पंत नई दिल्ली से उत्तराखंड के रुड़की जा रहे थें, रास्ते में सुबह 5:15 बजे नारसन बॉर्डर पर उनकी Mercedes Benz कार सड़क की रेलिंग से जा टकराई। वहीं पंत ने खुद बताया है कि, हादसे के बाद किस तरह वो कार का विंड स्क्रीन तोड़कर बाहर निकलें, क्योंकि एक्सीडेंट के तत्काल बाद ही कार में आग लग गई थी। और देखते ही देखते मर्सिडीज़ बेंज पूरी तरह जलकर खाक हो गई। ये गनीमत रहा कि, समय रहते पंत कार से बाहर आ गए। इस हादसे में पंत को गंभीर चोटे आई हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।

उत्तराखंड DG अशोक कुमार के मुताबिक, पंत को गाड़ी चलाते समय झपकी आ गई थी, जिसके कारण वह कार पर से कंट्रोल खो बैठे। एक्सीडेंट के समय पंत कार में अकेले थे। एक्सीडेंट के बाद पंत जलती हुई कार की खिड़की तोड़कर बाहर निकले थे। ऋषभ पंत जिस मर्सिडीज कार से अपने घर लौट रहे थे, उसका नंबर डीएल 10 सीएन 1717 है। हालांकि मौके पर पंत खुद बताते हुए नजर आ रहे हैं कि वो ऋषभ पंत हैं।

पंत तड़प रहे थे और लोग गाड़ी से गिरी रुपए उठाते रहे

बताया जा रहा है कि ऋषभ की गाड़ी में करीब तीन से चार लाख रुपए थे। घटना के बाद सारे रुपये सड़क पर बिखरे पड़े थे। वे वहां तड़पते रहे लेकिन इस दौरान कुछ लोग ऋषभ की मदद करने के बजाय नोट अपनी जेबों में भरने और वीडियो बनाने में मशगूल हो गए। हादसे के बाद पंत की कार से कुछ पैसे भी गिर गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने उठा लिया।

दो लड़कों ने पंत को अस्पताल पहुंचाया

वहीं, दो युवक इस दौरान मसीहा बनकर सामने आए। रुड़की के सक्षम अस्पताल में जब ऋषभ पंत को भर्ती कराया गया तो इस दौरान दो युवक भी थे। बताया जा रहा है कि कि इनमें से एक युवक पुरकाजी के समीप शकरपुर गांव का रहने वाला है। वह घटनास्थल से कुछ किलोमीटर दूर आगे लिब्बरहेरी में स्थित उत्तम शुगर मिल में नौकरी करता है। सुबह के समय वह अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। इसी दौरान उसने दुर्घटना में घायल हुए ऋषभ पंत को पहचान लिया। डॉ. सुशील नागर ने बताया कि अस्पताल में जब ऋषभ को लाया गया तो दो युवक भी थे। उन्होंने सही समय पर ऋषभ को अस्पताल पहुंचा दिया। 

सीट बेल्ट पहनी होते तो कार में झुलस जाते

पंत को हादसे के बाद एंबुलेंस से पहले इलाज के लिए रुड़की के सक्षम हॉस्पिटल ले जाया गया। सक्षम हॉस्पिटल के चेयरमैन और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर सुशील नागर ने बताया कि एमआरई के बाद ही पता चलेगा कि उनके घुटने में कौन सी हड्‌डी टूटी है। इसके बाद पंत को ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है। डॉ. नागर ने आगे बताया कि वह अपनी मां को सरप्राइज देने के लिए जा रहे थे। पंत सीट बेल्ट नहीं पहने थे। इसलिए वे सुरक्षित बाहर आ गए। अगर वे सीट बेल्ट पहने होते तो कार में आग लगने के बाद वह झुलस सकते थे।

तेज रफ्तार थी कार

बताया जा रहा है कि पंत की गाड़ी तेज स्पीड से डिवाइडर के किनारे लगी लोहे की मजबूत रेलिंग से टकराई और रेलिंग तोड़कर दूसरी तरफ जा पहुंची। तेज रफ्तार में होने की वजह से कार लगभग 200 मीटर तक घिसटने के बाद रुकी। इसके बाद उसमें आग लग गई। बताया गया है कि मौके पर पहुंचे राहगीरों ने किसी तरह शीशे तोड़कर ऋषभ पंत को बाहर निकाला। जिसके बाद सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें नारसन से रुड़की की ओर करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित सक्षम हॉस्पिटल में पहुंचाया गया।

अगले टूर्नामेंट के लिए टीम से बाहर चल रहे हैं पंत

हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत ने कमाल की बल्लेबाजी की थी। दूसरे टेस्ट में वह शतक से चूक गए थे, लेकिन बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने भारत को मैच में आगे कर दिया था और इसी वजह से दूसरी पारी में अहम बल्लेबाजों के फेल होने के बावजूद टीम इंडिया यह मैच जीत गई थी। हालांकि, वनडे और टी20 में खराब प्रदर्शन के चलते हाल ही में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था।

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